फूलॊं सॆ भी क्या दॊस्ती कर्नी, कुच पल बाद मुर्जा जातॆ हैं दॊस्ती करॊ तॊ कांटॊं सॆ, चुब्नॆ कॆ बाद भी याद आतॆ हैं ..>>>>>>>>frm ĶĶP's™ thoughts
Source: ~ My thought ~
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